घर की कविता – “आखरी खुदा “

 

 माँ से किसने माँगा ? पर प्यार मिला

कुछ गलत तुमने किया - जो इंकार मिला

ढूंढते हो जिसे मंदिर और मजारो में

टक-टकी आंखों से तुमको ढूंढती वो

पास जाओ - इस जनम की वही आखिरी खुदा है

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